इंटरनेशनल संग्रालय दिवस (18 मई, 2020) पर उत्तर प्रदेश बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें रानीचौरी महाविद्यालय बीएससी एग्रीकल्चर छात्र गगन त्रिपाठी को Extraordinary Collection Award-2020 से नवाजा गया। उनको यह पुरूस्कार बीजों का संग्रालय बनाने के लिए मिला। उनके पास कई संकटग्रस्त प्रजातियों के बीज देखने को मिल सकते हैं जिनमें जिनको बिलोबा जिसे लिविंग फॉसिल भी कहा जाता है , पनेला , करणवश्रम वृक्ष इत्यादि देखे जा सकते हैं।
उनका पर्यावरण के प्रति प्रेम इतना है कि वह दुर्लभ प्रजातियों के वृक्षों के बारे में जानने में हमेशा उत्सुक रहते है जो दुर्लभता से पाए जाते हैं। गगन ने अपने घर में ही इन बीजों के संग्रह को रखा है । बादाम के 9 प्रजातियों के बीज जो बहुत मुश्किल से मिलते है जैसे टेक्सास , कैलिफोर्निया पेपर सेल, नोन परील ,कृष्टोमोर्टो , आई एक्स एल ,नॉन परिल , नी प्लस अल्ट्रा इत्यादि शामिल है। पहाड़ी पेड़ो और जड़ीबूटियां को बचाना गगन के जीवन का एक मात्र लक्ष्य है और वह इस ओर निरंतर प्रयास करते रहेंगे । उनके संग्रालय में २०० से अधिक वन्य प्रजातियों के बीज हैं। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता और गुरुजनों को दिया है।
गगन को मिला एक्ट्रा-आरडिनरी कलक्शन अवार्ड-2020
Reviewed by Kirti Kumari
on
Tuesday, May 19, 2020
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